जय जय बजरंगी जय जय बाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पद्मासन मे ध्यान लगाए मौन है

लाल लंगोटे वाला बाबा कौन है

सिया राम का प्यारा, अंजनी मा का तारा

अदमूदी आँखों से, सब देख रहा संसारा -2

जो भक्तो के ताज कहाते

सब संकट को दूर भागते

जातक झूम झूम के गाते, जय बाबा

जो भक्तो के ताज कहाते

सब संकट को दूर भागते

जातक झूम झूम के गाते, जय बाबा

स्वर्ण मुकुट माथे पे सजे

एक हाथ मे गाड़ा विराजे

चरणो से बहती प्रेम धारा

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

कष्टों की बारिश मे, प्रेम की धूप है

महाबली है, महारुद्र का रूप है

माया तेरी अजब निराली,

भर जाती हैं झोली खाली

जिसपे तूने नज़र है डाली, जय बाबा

माया तेरी अजब निराली,

भर जाती हैं झोली खाली

जिसपे तूने नज़र है डाली, जय बाबा

ढोल नगाड़े द्वार पे बाजे

सुर नर मुनि दर्शन को आवे

सवमानी का भोग लगावे, जय बाबा

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

जय जय बजरंगी जय जय बाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।