कलियुग में अब ना आना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कलीयुग में अबना आना प्यारे कृष्ण कन्हैया,

तुम बलदाऊ के भाई हो। यहाँ सब दाऊद के भैया,

कलियुग में अब ना आना....

दूध दही की जगह मिलेगा। पेप्सी लिम्का कोकाकोला

चक्र सुदर्शन छोड़ हाथ मे लेलेना हथगोला

दुस्टों को तुम्हे नाथना होगा कालिया नाग नथैया

कलियुग में अब ना आना....

सारि नही द्रोपदी की अब जीन्स बढ़ानी होगी

अर्जुन का रथ नही मारूरती कर चलानी होगी

इलू इलू गाना होगा गीता ज्ञान गबैय्या

कलियुग में अब ना आना....

बिस्व सुंदरी बनकर फ़िल्म में जाएंगी ललिता रानी

सारि गोपिया होजाएँगी गोविंदा दीवानी

गोकुल मथुरा छोड़ तुम्हे बनना होगा बम्बइया

कलियुग में अब ना आना....

जीन्स और टीशर्ट डालकर डिस्को जाना होगा

वृंदावन को छोड़ क्लबो में रास रचाना होगा

प्यानो पर धुन रटनी होगी मुरली मधुर बजैया

कलियुग में अब ना आना...

नंद बाबा के यहां गाय की जगह मिलेंगे कुत्ते

और कदम्ब की दाल पे होंगे मधु मक्खी के छत्ते

यमुना तट पे बसी झोपड़ियो में करना ताता थैया

कलियुग में अब ना आना.....

वाशुदेव देवकी बंद होंगे तिहाड़ के अंदर

जहां सुरक्छा श्रेणी होंगे कंस और सिकंदर

तुम्हे उग्रवादी कहकर एनकाउंटर करंगे भैया

कलियुग में अब ना आना.....

आना है तो आओ प्यारे बाद में मत पछताना

कम्प्यूटर में गेम खेल कर अपना दिल बहलाना

श्री दुर्गा मियूजिक प्यासा का ख्याल भी रखना कन्हैया।

कलियुग में अब ना आना....

हेमकान्त झा प्यासा

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।