दिल दीवाना हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल दीवाना हो गया , दिल दीवाना हो गया

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,

एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी ,

तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,

एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा ,

तीसरा नज़रें मिलाना, दिल दीवाना हो गया,

एक तो तेरे हाथ कोमल, दूसरा मेहँदी लगी,

तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया ,

एक तो तेरे पाँव नाज़ुक, दूसरा पायल बंधी ,

तीसरा घुंगरू बजाना, दिल दीवाना हो गया ,

एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन धरा ,

तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,

एक तो तेरे साथ राधा दूसरा रुक्मण खड़ी ,

तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,

एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे ,

तीसरा सपनों में आना, दिल दीवाना हो गया,

卐 ललित गेरा झज्जर 卐

(SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।