साहेब तेरी खिदमत चाहूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साहेब तेरी खिदमत चाहूँ , कुछ भी चाहु ना

छोड़ तेरी चौखट बाबा दूर जाउ ना

चाहूं तो बस तुझसे तेरा

प्यार चाहूं हां

ओ बाबा भगतराम बाबा भगतराम,

देखा है तुझमें राम देखा है श्याम,

संगत की बातों में सत्संग की रातों में रहते हो बाबा मेरे साथ..

आंखों के अश्कों से दिल के सुकूनों से

रहते हो बाबा मेरे पास

साहेब तेरी,,,,

आनंद के सागर में नटवर नागर में

तेरी ही खुशबू है अपार

बंसी की तानों में

तेरे दीवानों में होते हैं तेरे दीदार,,

साहेब तेरी,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।