मिला दो श्याम से ऊधो तेरा गुण हम भी गायेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मिला दो श्याम से उधो,

तेरा गुण हम भी गाएंगे।।

मुकुट सिर मोर पंखन का,

मकर कुण्डल है कानों में,

मकर कुण्डल है कानों में,

मनोहर रूप मोहन का,

देखकर दिल को रिझाएंगे,

मिला दों श्याम से उधों,

तेरा गुण हम भी जाएंगे।।

हमको छोड़ गिरधारी,

गये जब से नहीं आए,

गये जब से नहीं आए,

उन्ही के चरणों में सिर धर,

कि हम उनको मनाएंगे,

मिला दों श्याम से उधों,

तेरा गुण हम भी जाएंगे।।

प्रेम हम से लगाकर के,

बिसारा नन्द नंदन ने,

बिसारा नन्द नंदन ने,

खता क्या हो गई हमसे,

अर्ज़ अपनी सुनाएंगे,

मिला दों श्याम से उधों,

तेरा गुण हम भी जाएंगे।।

कभी फिर आप गोकुल में,

हमें दर्शन दिखाएंगे,

हमें दर्शन दिखाएंगे,

तो ‘ज्ञानानन्द’ हम उनको,

नहीं दिल से भुलाएंगे,

मिला दों श्याम से उधों,

तेरा गुण हम भी जाएंगे।।

मिला दो श्याम से उधो,

तेरा गुण हम भी गाएंगे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।