मीरा की लागी लगन गोपाल से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीरा की लागी लगन गोपाल से

मिलने आयी वृन्दावन नंदलाल से

मिलने आयी वृन्दावन नंदलाल से

मीरा की लागी लगन गोपाल से

आप ठाकुर मैं पुजारन आपकी

आप ठाकुर मैं पुजारन आपकी

मीरा यूह हंस कर कहे गोपाल से

मीरा की लागी लगन गोपाल से

गोविन्द जय जय गोपाल जय जय

राधा रमन हरी गोविन्द जय जय

मेरे तो गिरधर सिवा कोई नहीं

मेरे तो गिरधर सिवा कोई नहीं

प्रीत हैं साची मेरी गोपाल से

मीरा की लागी लगन गोपाल से

नटवर नागर नंदा भजो रे मन गोविंदा

सावली सूरत मुख चंदा भजो रे मन गोविंदा

मैं हूँ दुल्हन श्याम की राणा सुनो

मैं हूँ दुल्हन श्याम की राणा सुनो

डोर जीवन की बंधी गोपाल से

मीरा की लागी लगन गोपाल से

अच्चुतम केशवम कृष्णा दामोदरं

राम नारायणं जानकी बल्लभम

संत मंगल मीरा तू धन्य हुई

संत मंगल मीरा तू धन्य हुई

मिल गयी ज्योति तेरी गोपाल से

मीरा की लागी लगन गोपाल से

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, है नाथ नारायण वासुदेवा

श्री राम राघव रघुवर से प्यारे, है नाथ नारायण वासुदेवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।