संसार के बंधन आज श्याम में तोडना चाहती हु

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

संसार के बंधन आज श्याम में तोडना चाहती हु,

तेरे नाम के संग अपना नाम मैं जोड़ना चाहती हु,

तुम संग ही जीना तुम संग ही मरना ऐसा हो जीवन मेरा,

तुम संग ही हसना तुम संग ही रोना ऐसा द्रिड निश्रेय मेरा,

तेरे रंग की रंगी चुनरियाँ श्याम आज मैं ओडना चाहती हु,

तेरे नाम के संग .....

नानो में तुम सांसो में तुम हो नस नस ये तुमको पुकारे,

जनम जनम के ठाकुर मेरे ओ मेरे गोविन्द प्यारे,

तेरी माया का मेला आज श्याम मैं छोड़ना चाहती हु,

तेरे नाम के संग.......

तेरे रंग में रंगी चुनरी श्याम में ओडना चाहती हु,

संसार के बंधन आज श्याम में तोडना चाहती हु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।