तेरै होतां कंईंया बिपदा पड़ ग्यी भारी रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे,

तेरै होतां कंईंया बिपदा पड़ ग्यी भारी रे,

चिड़कली भी चूंच मारै जंईंया बाज है मारै रे,

मूसकड़ा भी चिखण लाग्या जंईंया बाघ दहाड़े रे,

मेरी लाज थां रै हाथां है थां री जिम्मेदारी रे,

तेरै होतां कंईंया बिपदा पड़ ग्यी भारी रे....

आंख्यां स्यूं बस नीर ब्हवै छै हिवड़ो कल-कल रोवै रे,

देख दशा या म्हारी बाबा बोल तू कंईंया सोवै रे,

तनै तरस ना आवै म्हारी देख लाचारी रे,

तेरै होतां कंईंया बिपदा पड़ ग्यी भारी रे...

आंधी चालै तूफां चालै नैया डिगमिग डोलै रे,

मौन रव्है सुण चीख आ म्हारी क्यों बाबा ना बोलै रे,

बण कै माझी पार लगा द्यो दरियो भारी रे,

तेरै होतां कंईंया बिपदा....

तेरी मोर छड़ी रो जादू अब तो श्याम दिखा दे रे,

बिपदा म्हां री मेटण खातर बाण ही एक चला दे रे,

दुनिया भी देखै निर्मल री श्याम स्यूं यारी रे,

तेरै होतां कंईंया बिपदा पड़ ग्यी भारी रे,

तेरै होतां कंईंया बिपदा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।