अब गा तू ले वो गीत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब गा तू ले वो गीत जो गाया कभी ना हो

पाले मोहन सा मीत जो पाया कभी न हो

सजा तू ले अपना हृदय घनश्याम के लिए

मेहमान बन के रह सके आराम के लिए

वो घर भी क्या जहां प्रभु आया कभी न हो

पा ले मोहन,,,

संसार के सपने में भी सांचा है सांवरा बृजराज के बिरहा में तू हो जा ना बांवरा

मोहन करे मेहर तो फिर मरना कभी ना हो,

पाले मोहन,,,,

व्याकुल हो जाते हैं सदा

भक्तों के पीर से सुना है रीझ जाते हैं नैनो के नीर से

ऐसे महा दयालु से दूरी कभी ना हो

पा ले मोहन सा

धुन लग जा गले की फिर ये,,,,

बाबा आनंद राम दरबार चकरभाटा बिलासपुर छ.ग. 700049 2179

राधे राधे जय श्री कृष्ण

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।