मेरे घर की हालत देख कभी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जागु मैं तेरे जगरातो में वर्त रखु माँ नवरातो में

फिर भी वो लकीर नही मिट ती जो खीच दी तूने हाथो में

मेरे घर की हालत देख कभी तु आके माँ वरसातो में

हर साल ये विपदा आती है हर बार ये घर डेह जाता है

तस्वीर तेरी रेह जाती है बाकी सब कुछ बेह जाता है

हम तुझे छुपा लेते है माँ इन टूटे फूटे छातो में

मेरे घर की हालत देख कभी तु आके माँ वरसातो में

सिर पे है घटाओ की चादर धरती की सेहज बिछा ते है

जय माता दी कह कर अक्सर बच्चे भूखे सो जाते है

तेरी ज्योत जगानी ना छोड़ी माँ ऐसे भी हालातो में

मेरे घर की हालत देख कभी तु आके माँ वरसातो में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।