नन्द लाला तेरा मन काला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नन्द लाला तेरा मन काला जरा मटकी मेरी छोड़ दे

वरना मैं ला दूंगी १०० नंबर

रोज रोज मस्ती में छेड़े पाके मोहे अकेली

तेरे डर से सेहमी सेहमी रेहती मेरी सहेली

वनवारी सुनो गिरधारी अरे हट जा रस्ता छोड़ दे

वरना मैं ला दूंगी १०० नंबर

आये गी जब पुलिस ओ छलिया करेगी खूब पिटाई

वृंदावन की गली गली में होगी तेरी हसाई

मन वसिया मेरे नन्द रसिया अब हट जा रस्ता छोड़ दे

वरना मैं ला दूंगी १०० नंबर

छोड़ कभी न मत ले पंगा पड़ गया मेरे पीछे

जाके अपनी मुरली बजा दू बैठ कदम के निचे

तू छलिया कान्हा तू छलिया देयो बहिया मेरी मरोड़ जो

वरना मैं ला दूंगी १०० नंबर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।