आज मिलके मंगल गायो जी

अलका गोएल
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आज मिलके मंगल गयो जी ,

आके गणेश मनाओ जी,

आओ जुमो नाचो गाओ जी आके गणेश मनाओ जी,

मुसे की यह सवारी करते सबके बिगड़े काज है करते,

दुखियो के यह दुखारे हरते गणपति सबके बिगन है हारते,

लड्डूओं का भोग लगो जी अदि गणेश मनाओ जी,

गणपति जी को जो भी मानते गणपति उनके काम है आते,

जय जय गणपति जो भी गाते गणपति उनको दर पे भुलाते,

गंगा जल से इन्हें नेहलाओ जी अदि गणेश मनाओ जी,

आज मिलके मंगल गयो जी .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।