मुझे मिला रंगीला यार

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे मिला रंगीला यार ब्रिज की गलिओं में,

गलिओं में भी कुंजन में,

मोसे कहे इत आओ सजनी ,

आकर मेरी बाह पकड ली,

मैं तो हो गी शरमो सार ब्रिज की गलियों में,

मुझे मिला रंगीला .........

कैसे कहू मोपे क्या क्या गुजारी,

श्याम सुन्दर की हो गई भवरी,

जब नैना हो गये चार ब्रिज की गलियों में,

मुझे मिला रंगीला .......

हर दम अब तो रहू मस्तानी,

लोक लाज की नी बिसरानी,

मैं तो गाऊ ख़ुशी के गीत, ब्रिज की गलियों में,

मुझे मिला रंगीला ......

मोहन एसी बंसी बजाई,

सब ने अपनी सूद बिसराई,

फिर नाच उठा संसार, ब्रिज की गलियों में,

मुझे मिला रंगीला ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।