सारो संसार दुःखी है सुखी कौन है सुनो

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सारो संसार दुःखी है सुखी कौन है सुनो

कोई तन दुखी कोई मन दुखी

कोई धन बिना फायर उदास

थोड़ा थोड़ा सब दुखी

भाई सुखी राम का दास।।

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

जनम लियो रे सब दुखिया ऐ लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है।।

ब्रह्मा भी दुखिया अवधू विष्णु भी दुखिया है

दुखिया है शिव अवतारी हे लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है।।

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

जनम लियो रे सब दुखिया ऐ लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है।।

रामा भी दुखिया अवधू लक्ष्मण भी दुखिया है

जनक दुलारी भी अवधू दुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

जनम लियो रे सब दुखिया ऐ लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है।।

धरती भी दुखिया अवधू एम्बर भी दुखिया है

दुखिया है पवन ऐ पानी ऐ लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

जनम लियो रे सब दुखिया ऐ लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है।।

राजा भी दुखिया अवधू प्रजा भी दुखिया है

दुखिया है सकल से सारी

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

जनम लियो रे सब दुखिया ऐ लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

शरणे में चंद्र जाती गोरख बोले है

राम भजे सोहे सुखिया है लोग

तन धारी जग में अवधू कोई नहीं सुखिया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।