कैलाश के निवासी नमो बार बार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

नमो बार बार हूँ

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू,

आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू,

भोले तार तार तू,

कैलाश के निवासी

भक्तो को कभी शिव तुने निराश ना किया

माँगा जिन्हें जो चाहा वरदान दे दिया

बड़ा हैं तेरा दायजा, बड़ा दातार तू,

बड़ा दातार तू

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

नमो बार बार हूँ

आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू

भोले तार तार तू, तार तार तू

कैलाश के निवासी

बखान क्या करू मै राखो के ढेर का

चपटी भभूत में हैं खजाना कुबेर का

हैं गंग धार, मुक्ति द्वार, ओंकार तू

ओंकार तू

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

नमो बार बार हूँ

आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू

भोले तार तार तू, तार तार तू

कैलाश के निवासी

क्या क्या नहीं दिया, हम क्या प्रमाण दे

बस गए त्रिलोक शम्भू तेरे दान से

ज़हर पिया, जीवन दिया

कितना उदार तू, कितना उदार तू,

कितना उदार तू

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

नमो बार बार हूँ

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू

भोले तार तार तू, तार तार तू

कैलाश के निवासी

तेरी कृपा बिना न हींले एक भी अनु

लेते हैं स्वास तेरी दया से कनु कनु

कहे दास एक बार, मुझको निहार तू

मुझको निहार तू

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

नमो बार बार हूँ

आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू

भोले तार तार तू, तार तार तू

शम्भू तार तार तू, तार तार तू

भोले तार तार तू, तार तार तू

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।