मेरी झोली में दे इक लाल माँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी झोली में दे इक लाल माँ पूरा करदे हमारा सवाल माँ

मेरे दिल का है एक अरमान माँ

देदे ऐसी मुझे संतान माँ

जैसे कोश्याला के राम जैसे यशोदा के श्याम

नाम रखु मैं उसका गोपाल माँ

मेरी झोली में दे इक लाल माँ पूरा करदे हमारा सवाल माँ

राम पिता के जैसे आज्ञाकारी ऐसा पुत्र दे माँ मंगल कारी,

जैसे श्वर्ण कुमार वैसे हॉवे संस्कार मेरा जीवन करो खुशहाल माँ

मेरी झोली में दे इक लाल माँ पूरा करदे हमारा सवाल माँ

माँ वरदान तुझसे जो पाउगी

नित नित तेरी ज्योत जगाऊ गी

मैया सुन ले पुकार तेरा मानु उपकार तेरा जगराता करू हर साल माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।