तू ही बिगड़ी बनाये मैया करे रखवाली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं भी आ गया हु दर पे तेरे बन के माँ सवारी

तू ही बिगड़ी बनाये मैया करे रखवाली

शेरावाली ओ ज्योतावाली पहाड़ा वाली

जय माता दी बोल लग ने नहियो मोल

पेहला पडाव मैया बाल गंगा आये

शीतल है धारा उसकी पाप को जलाए

जो भी पीते है धारा मैया गंगा जल वाली

तू ही बिगड़ी बनाये मैया करे रखवाली

शेरावाली ओ ज्योतावाली पहाड़ा वाली

दूसरा पड़ाव मैया गर्व जून आये

माँ की ममता का उस पे प्यार समाये

जो भी होके गुजर जाए इस में माँ सवाली

तू ही बिगड़ी बनाये मैया करे रखवाली

शेरावाली ओ ज्योतावाली पहाड़ा वाली

तीसरा पडाव मैया हाथी मथा आये कठिन चडाई तेरे दर तक जाए

जो भी आते है मन में लेके श्रधा महारानी

तू ही बिगड़ी बनाये मैया करे रखवाली

शेरावाली ओ ज्योतावाली पहाड़ा वाली

चोथा पड़ाव मैया भेरो जी का आये

तेरी इस यात्रा को सफल बनाये

जो भी शीश झुकाते भेरो आगे महारानी

तू ही बिगड़ी बनाये मैया करे रखवाली

शेरावाली ओ ज्योतावाली पहाड़ा वाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।