मैं हु तेरा बेटा माँ तू है मेरी माता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं हु तेरा बेटा माँ तू है मेरी माता

न टूटे कभी तेरा मेरा ये नाता

मैं हु तेरा बेटा माँ तू है मेरी माता

तेरे पास है माँ जमाने का लेखा बदल ती है तू ही माँ हाथो की रेखा

तेरे फैसले को ही माने विध्याता

मैं हु तेरा बेटा माँ तू है मेरी माता

तेवर बदल गई मतलब की दुनिया

नही साथ देती ये जीवन की घडिया

याहा अब न कोई रिश्ता निभाता

मैं हु तेरा बेटा माँ तू है मेरी माता

दुःख मेरा जाने क्या दुनिया दीवानी

इसी से सुनाई माँ तुझको कहानी

तुझे न सुनाता तो किस को सुनाता

मैं हु तेरा बेटा माँ तू है मेरी माता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।