सारे जग को छोड़ बाबा आया तेरे द्वार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सारे जग को छोड़ बाबा आया तेरे द्वार मेरी डूबी नैया का तू ही पतवार

गल बैजयंती माला है और लंगोटा है लाल

अब तो जल्दी आजा बाबा आया तेरे द्वार

सारी दुनिया को ठुकराया हु तेरी ही आस लेके आया हु

चारो और छाया अँधेरा है तेरे द्वारे में सिर झुकाया हु

नैया है बीच भवर में मुझे रास्ता दिखा

अब तो जल्दी आजा कौन है तेरे सिवा

सारे जग को छोड़ बाबा आया तेरे

संकट ने मुझे रुलाया है हर पल मुझको तो सताया है

पग पग में ठोकर खाया हु सिर्फ निराशा ही पाया हु

मेहंदीपुर के बाबा मेरा करना कल्याण

अब तो जल्दी आजा बाबा मैं हु परेशान

सारे जग को छोड़ बाबा आया तेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।