बंधन मेरे संवारे तुमसे जुड़ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बंधन मेरे संवारे तुमसे जुड़ गया

पंख बिना मेरे दिल का परिंदा देखो उड़ गया

बंधन मेरे संवारे तुमसे जुड़ गया

दिल ने कही करार न पाया चैन था मेरा खोया

अपना नही था जग में कोई रेहता था खोया खोया

वीरा था जीवन का गुलशन तुम से खिल गया

बंधन मेरे संवारे तुमसे जुड़ गया

अपनी पलको के आँगन से ओजल कभी न कर ना

इक पल जो तुम दूर हुए तो कहे मेरे मैना

कुछ भी नही श्याम मेरे मैं तुमसे तर गया

बंधन मेरे संवारे तुमसे जुड़ गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।