माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा

बडो बोल के जैकारा चलो सा रा रा रा

है हवाओं का इशारा चलो सा रा रा रा

जो है मैया का दुलारा कभी होंसला न हारे

आने वाले है द्वारा थोडा फांसला है प्यारे

रस्ता देखे माहामारा बैठी खोल के भंडार

बोले गंगा जी की धारा बोलो सा रा रा रा

माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा

बडो बोल के जैकारा चलो सा रा रा रा

देखो देखो माता वैष्णो के खेल है निराले

नंगे पाओ दोड़े जाए थकते न पड़ते छाले,

माँ का प्यार जिस से प्यारे बोले जोर से जयकारे सूती होगी नो दो ग्यारा

चलो सा रा रा रा

माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा

बडो बोल के जैकारा चलो सा रा रा रा

लागे स्वर्ग से भी प्यारे माँ के द्वार के नजारे

जाके मैया की गुफा में भाग जगे गे हमारे

क्या हमारा क्या तुम्हारा सब की किस्मत का सितारा माँ चमकाएगी दोबारा

चलो सा रा रा रा

माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा

बडो बोल के जैकारा चलो सा रा रा रा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।