होली खेलने आयो श्याम आज जाए रंग में बोरो री

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होली खेलन आयो श्याम

आज याहि रंग में बोरो री,

कोरे-कोरे कलश मँगाओ,

रंग केसर को घोरो री,

मुख ते केशर मलो,

करो याहि कारे से गोरो री,

रंग-बिरंगो करो आज,

याहि कारे से गोरो री,

होली खेलन आयो श्याम,

आज याहि रंग में बोरो री,

पार पड़ौसिन बोलि,

याहि आँगन में घेरो री,

पीताम्बर लेउ छीन,

याहि पहराय देउ लहँगो री,

होली खेलन आयो श्याम,

आज याहि रंग में बोरो री,

हरे बाँस की बाँसुरिया,

याहि तोड़-मरोड़ी री ,

तारी दे दे याहि नचावो,

अपनी ओरो री,

होली खेलन आयो श्याम,

आज याहि रंग में बोरो री,

चन्द्रसखी की यही विनती,

करे निहोरो री ,

हा हा खाय पड़े जब,

पैया तब याहि छोरो री,

होली खेलन आयो श्याम,

आज याहि रंग में बोरो री

होली खेलन आयो श्याम

होली खेलन आयो श्याम,

आज याहि रंग में बोरो री

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।