आजा हारे के सहारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आँखों के आँसू, हर पल पुकारे,

आजा हारे के सहारे ll

गहरी नदी है, तेज़ है धारा l

रात अँधेरी, दूर किनारा ll

माँझी बनकर, करके तूँ ही तो,

सबको पार उतारे,

आजा हारे के सहारे ll

आस की माला, टूट गई है,

शायद किस्मत, रूठ गई है ll

ग़ैर हो गए, जो थे अपने,

हम अपनों से हारे,

आजा हारे के सहारे ll

ऐसा कोई, नज़र न आए,

जो इस दिल को, धीर बँधाए ll

जो देखे थे, सपने मैंने,

चूर हो गए सारे,

आजा हारे के सहारे ll

देर करो न, कृष्ण कन्हईया,

पार लगा दो, मेरी नईया ll

कैसे फ़ूल, खिलेंगे बेधड़क,

यह पतझड़ के मारे,

आजा हारे के सहारे ll

आँखों के आँसू, हर पल पुकारे,

आजा हारे के सहारे ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।