काल रात ने सुपनो आयो बाबो हे ले मारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काल रात ने सुपनो आयो बाबो हे ले मारे

मंदिर में मेरो मन नही लागे मन्ने ले चालो सागे

भगत मेरा मन याद करे और खाटू आ ना पावे

कालजडो मेरो भर भर आवे कुछ भी नही सुहावे

भाव भजन थारा चोखा लागे याद घणेरी आवे

लीलो भी मेरो छम छम नाचे बिलकुल न रुक पावे

राख भरोसो बाबो थारो थापर जान लुटावे,

बनी न कोई आफत एसी जो थाणे भर मावे

संजू बोले वनवारी यो सपनो सच हो जावे

घरा ले चालु थाणे बाबा मैं तुम्हारे सागे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।