श्याम बाबा हारा हूँ में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम बाबा श्याम बाबा हारा हूँ में

संसार से.......संसार से

ओ खाटू वाले बाबा देना सहारा

झूठी है ये दुनिया बाबा तू ही हमारा

श्याम बाबा हारा हूँ में ..............

जब जब मैं हारा हूँ तेरे दर आया

हाथ पकड़ के मेरा तूने अपनाया

सब कुछ है तेरा जो मैंने है पाया

नालायक था मैं लायक बांके आया

सब कुछ मिला है दर पे तेरे आके

लीले घोड़े वाले ओ हारे के सहारे

श्याम बाबा हारा हूँ में ..............

श्याम तेरी जो नगरी है वो जन्नत है

वहां की पूरी दुनिया ही तो मन्नत है

कोई खाली झोली लेकर आता है

औकात से ज़्यादा वो भर कर ले जाता है

हम भी दर पे आये मन में आस लाये

थोड़ा तो मिलेगा अरदास लगाएं

श्याम बाबा हारा हूँ में ..............

जब जब मैं रोया हूँ दो पग संग आये

जब जब मैं मुस्काया तुम भी मुस्काया

सुख हो या जीवन में दुःख जितने आये

तुम संग हो तो कौन मेरा क्या कर पाए

सरकार तुम हो पालनहारे ये जीवन है अब तेरे हवाले

श्याम बाबा हारा हूँ में ..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।