प्रभु बड़ा दयालु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु बड़ा दयालु है उपकार सभी पे करता

प्रभु बड़ा किरपालु है उधार सभी का करता

पिर्थ्वी हम को देती वन वनस्पति सारे

जिस से सवथ भी सही रहे सब के तन में क्या रे

सेवन करने से इनको अब मस्त भी तू रेहता

प्रभु बड़ा दयालु है उपकार सभी पे करता

वायु से ही स्वास मिले जीवत जिस से रेहते

कुछ समय हवा न मिले दम धुट धुट के रेहते

ये स्वास का स्वास का चालन व्र्मांड की करता

प्रभु बड़ा दयालु है उपकार सभी पे करता

जल ही जीवन देता जल ही तो प्राण आधार है

जल बिना नही होता जीवन संसार है

कभी रस धातु को ये परिपक्त है करता

प्रभु बड़ा दयालु है उपकार सभी पे करता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।