लाल लंगोटे वाला माँ अंजनी का लाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाल लंगोटे वाला ये माँ अंजनी का लाला

सोये भाग जगाता खोले किस्मत का ताला

लाल लंगोटे वाला, माँ अंजनी का लाला

पवन पुत्र ये है बलशाली लीला इनकी बड़ी निराली,

भगतो के ये कष्ट मिटावे अला बला सब दूर भगावे

बजरंगी ने सब भगतो का पल में संकट टाला

लाल लंगोटे वाला, माँ अंजनी का लाला

बजरंगी को जो भी ध्यावे चरणों में सिंदूर चडावे

मंगल और शनिवार मनावे मुह माँगा फल इनसे पावे

भगतो की झोली को पल में बाबा ने भर ढाला

लाल लंगोटे वाला, माँ अंजनी का लाला

मन में रेहते है रगुराई साथ में जिनके झांकी माई

साईं राम बिन होए न मुक्ति हनुमान जी देदे भगती

मोनू जप ले नाम इसी का येही देव निराला

लाल लंगोटे वाला, माँ अंजनी का लाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।