अरे आवणो पडेला थोने आवणो पडेला

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन जैन भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अरे आवणो पडेला थोने आवणो पडेला

टाबरीयो रे बुलाया भैरूजी,

थोने आवणो पडेला...

अरे आबू री धणीयाणी माता,

अर्बूदा माता आवो...

अरे ओसियाजी री धणीयाणी माता,

साच्चियामाता आवो...

अरे नाकोडा रा भैरूजी ने साथे,

लावणा पडेला...

भक्त बुलावे थोरे आवणो पडेला...

आवणो पडेला भैरूजी आवणो पडेला,

आज री भक्ती में थोने आवणो पडेला...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।