शिव तेरी ज्योत जले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव तेरी ज्योत जले,

हमको भी शरण में ले,

हम यह ही कहते चले,

शिव तेरी ज्योत जले,

बम भोले, बम भोले मेरे भोले,

शिव तेरी जोत जले....

द्वार तेरा हम भोलेनाथ ना छोड़ेंगे,

भक्त हैं तेरे तेरा साथ ना छोड़ेंगे,

जान भी जाए भले शिव तेरी जोत जले,

शिव तेरी जोत जले......

भोलेनाथ बाबा, ओ मेरे बाबा,

भोलेनाथ तेरा इस दिल में बसेरा है,

आएं कैसे हम आकाश तेरा डेरा है,

हम हैं गगन के तले शिव तेरी जोत जले,

शिव तेरी जोत जले हमको भी शरण में ले,

हम यह ही कहते चले....

इसको भी कोई वरदान देदो भोले,

भक्तों में ऊँचा स्थान देदो भोले,

अंजुम भी फूले फले शिव तेरी जोत जले,

बोलो बम भोले बम बम भोले,

शिव तेरी जोत जले......

शिव तेरी ज्योत जले हमको भी शरण में ले,

हम यह ही कहते चले शिव तेरी ज्योत जले,

बम भोले, बम भोले मेरे भोले,

शिव तेरी जोत जले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।