कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

लगी लगन हमेशा ही उनको राम नाम की

कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

राम नाम के परताप बजर देह पाई

राम नाम की सुधि इक पल भी ना बिसराई

दुहाई सदा होती है एक राम नाम की

कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

राम नाम के प्रताप सागर को लांगा

राम जी से राम भक्ति एक ही वर माँगा

दिखाई छवि सीने में सदा ही राम नाम की

कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

राम नाम के परताप लंका को जलाए,

सीता माँ का सन्देश राम को सुनाये

गाये सदा वो मीठी मीठी धुन राम नाम की

कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

राम नाम के परताप संजीवनी लाये,

पर्वत उठा के प्राण लखन के बचाए

गुंजाये धुन वो लंका में देखो राम नाम की

कपि ने जपी माला सदा ही राम नाम की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।