श्यामा जी तेरिया आरतिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नी मैं रल भगता नाल गावा श्यामा जी तेरिया आरतिया

हाथ मेरे में गंगा जल गड़वी

मैं श्याम दे चरन धुलावा श्यामा...........

हाथ मेरे में चन्दन रोली

मैं श्याम जी नु तिलक लगावा श्यामा..........

हाथ मेरे में फूलों वाली माला

मैं श्याम जी नु हार पहनावा श्यामा............

हाथ मेरे में माखन मिश्री

मैं श्याम जी नु भोग लगावा श्यामा............

संग श्याम दे राधा विराजे

मैं जोड़ी तो वारे वारे जावा श्यामा............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।