हरपल दर्शन री आस टूट्या कर्मारा बन्धन है

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॥ पावन पाठ ॥

हरपल दर्शन री आस टूट्या कर्मारा बन्धन है,

थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है

ये किरपा री निजरां आ ममता री छाया,

गुरुदर्शन रा ख़ातिर म्हां चरने आया,

आज पुरी हुई ये आस खिल्यो मनरो मधुबन है,

थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है

पुनवानी म्हा सबरी एसी गुरुमा पाई,

समता शान्ती दाता सब रावन भाई,

जिन मुरत ने देखा हुयो जीवन धन धन है,

थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है

विमलविद्या मन्डल तो भक्ती लेकर आया,

गुरु कीरपा रा कारण म्हा सगळा यश पावा,

थाका द्वार मन्डल तो भक्ती रो सावन है,

थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।