अरज म्हारी सुणता जाजो जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरज म्हारी सुणता जाजो जी

भीमाजी रा लाल मेहर तुम करता रहेजो जी

ग्वाल बाल सब ठाड़ा रहे और नवी नवी कर परणाम

माता गौर का लाडीला रे तुम गौवन का रखवाल

सखियाँ सारी दौड़ के आई बाई कृष्णा के पास

जुग जुग नातो अमर रहे यो भाई बईण को प्यार

तक तक नैना तकि रहे और बहे असुवन की धार

हिवड़ो म्हारो धक धक बोले छोडी चल्या मझदार

स्याणी सुंदर घोड़ी तुम्हारी रतन जड़ी ले लगाय

मसरू पितांबर झीण कसी रे चल सुहाणी चाल

प्रेषक प्रमोद पटेल

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2.प्रमोद पटेल सा रे गा मा पा

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।