पौनाहारी बाबा मेरे देना सहारा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पौनाहारी बाबा मेरे देना सहारा

छुटे कभी न बाबा साथ तुम्हारा,

तेरे सिवा मन में मेरे आता न कोई

प्रेम का दीपक बाबा जलाता न कोई

तू ही मेरी नैया बाबा तू ही है किनारा

छुटे कभी न बाबा साथ तुम्हारा,

तेरे महिमा दिल से बाबा गाती रहुगी

सुबह शाम तुझको बाबा रिजाती रहू गी

सारी दुनिया से बाबा नाम तेरा प्यारा

छुटे कभी न बाबा साथ तुम्हारा,

मुझे तेरे दर से बाबा ह्टाती है दुनिया

कर के इशारा मुझको बुलाती है दुनिया

देखू नही मैं बाबा जग का इशारा

छुटे कभी न बाबा साथ तुम्हारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।