धन धन सिंगाजी सुरमा

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

धन धन सिंगाजी सुरमा

जिन्न चवर बुहारया गुरू खेत हो

कलांका सी बाँध्या झूलना

अपना साहेब जी से हेत हो

सत सुकरत दया धर्म का

जिन्न रोपया खंब हो

भजन सुमरन मे हठ जो करे

हो भाई दाणा मोटा ठग हो

भार पड़े धरणी थर हरे

हो रामा प्रायश्चित बढ़ियो अपार हो

सकल ही देव बुलाय के

म्हारो साहेब करतो विचार हो

बैकुंठ बिढिलो रोपिया

आसा आप ही श्री महाराज हो

जाओ रे संत म्रत्यु लोक म

आसा भक्ति करना का काज हो

झट बिड़ीलों कोई लइ नी सक्या

आसा सकल उभा कर जोड़ हो

हम कसा जावा म्हारा साहेबा

यहाँ दुनिया छे कर्म अघोर हो

प्रेषक प्रमोद पटेल

यूट्यूब पर

1.निमाड़ी भजन संग्रह

2.प्रमोद पटेल सा रे गा मा पा

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।