चेत रे दीवाना थारो अवसर जाय माया ठगोरी तूख ठगी ठगी खाय

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

चेत रे दीवाना थारो अवसर जाय

माया ठगोरी तूख ठगी ठगी खाय

सावधान शब्द को तुन भेद नहीं पायो

हरि भजन को तुन अवसर गमायो

झुटी काया देग आग रे लगाय

माया ठगोरी तूख ठगी ठगी खाय

हरी माया म नारद भरमायो

माया नगरी म स्वयंबर रचायो

पड़ हरि मार नारद सहयो नही जाय

माया ठगोरी तूख ठगी ठगी खाय

हरि को नाम छे जग सी निरालो

छोटी म्हारी बुद्धि न तू छे रखवालो

हरि की दुकान हीरा दिया रे लुटाय

माया ठगोरी तूख ठगी ठगी खाय

प्रेषक प्रमोद पटेल

यूट्यूब पर

1.निमाड़ी भजन संग्रह

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।