कलजुग म रे तारणहार देव म्हारो भिलट रहयो गाजी रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कलजुग म रे तारणहार

देव म्हारो भिलट रहयो गाजी रे

सच्चा मन सी जेन सुमरयो

पल म ओकी फेरी दी बाजी

माता मैदा की आँख को तारो

राजा रेलण को बेटो प्यारो

रोलगाव पाठन को मुकाम

भाई भैरु छे संगी साथी रे

बणी गादी नांगलवाड़ी म

लगी महिमा ऊनी पहाड़ी म

भाई जेन जसो भी सुमरयो

देव म्हारो सबई म छे राजी

करी आस पूरी रे भगतन की

खाली झोली भरी रे जन-जन की

लगई दे किनारा प नाव

देव छे भक्तन को मांझी रे

करा नमन थारा चरणन म

भाई उमेश ख राखो शरण म

हो लिख मोहन थारो गुणगान

चलाव कलम ताजी ताजी रे

प्रेषक प्रमोद पटेल

यूट्यूब पर

1.निमाड़ी भजन संग्रह

2.प्रमोद पटेल सा रे गा मा पा

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।