सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हो आसा पाय न म पड़ी गया छाला

सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

लाकड़ी ख टेक टेक आया

सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

फाटली धोती पेरी आया

सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

राधा रूखमणी न चंदन घिसाया

चंदन घिसाया भाई चंदन घिसाया

म्हारा कान्हा न तिलक लगाया

सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

राधा रूखमणी न चरण धुलाया

चरण धुलाया भाई चरण धुलाया

म्हारा कान्हा न आँसू बहाया

सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

राधा रूखमणी न भोजन बणाया

भोजन बनाया भाई भोजन बणाया

म्हारा कान्हा न प्रेम सी जिमाया

सुदामा जी कान्हा सी मिलन ख आया

प्रेषक प्रमोद पटेल

यूट्यूब पर

1.निमाड़ी भजन संग्रह

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।