सखी म्हारो कुण हुयो जो अपराध

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॥ पावन पाठ ॥

सखी म्हारो कुण हुयो जो अपराध

घर आया साजन रूठी गया हो

सखी मन दिवला सी दीवलो

कभी नही बाल्यो हो

हो आसा नही पोयच्या

कवला सी हाथ

घर आया साजन रूठी गया हो

सखी मन कंडा सी कंडो

कभी नहीं फोड़यो हो

हो आसी नही फेंकी घुड़ा प राख

घर आया साजन रूठी गया हो

सखी मन पानी पीती गौवा ख

कभी नही वालई हो

हो असो नही मोड़यो

कन्या को ख्याल

घर आया साजन रूठी गया हो

प्रेषक प्रमोद पटेल

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।