वैष्णो देवी भवानी जगदम्बे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

वैष्णो देवी भवानी जगदम्बे मैया वैष्णो देवी भवानी

रूप अनेक नाम कई तेरे लक्श्मी तुही भवानी जगदम्बे मैया

वैष्णो देवी भवानी .......

दुर्गा भगवती गोरी बारम बार ही पदमा अबेदा,

वैष्णवी विजिया भेरवी मेगा कोई कहे जैयता कय्तानी जगदम्बे मैया

वैष्णो देवी भवानी

अमभिका भ्रमी किशवरी तू कामिनी पार्वती तू

त्रिनेत्रा कुमारी साहा सरस्वती वीणा पानी जगदम्बे

वैष्णो देवी भवानी

महेश्वरी है सावित्रीश्री चुडा मणि नागेश्वरी

दंडिका कालिका जयति छमा है तू ही नारायणी जगदम्बे

वैष्णो देवी भवानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।