काम मुश्किल से मुश्किल आसन हो गया

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

काम मुश्किल से मुश्किल आसन हो गया

शेरावाली की शरण में आराम हो गया

काम मुश्किल से मुश्किल आसन हो गया

उचे पर्वत पे दरबार लगाये चमत्कार हाथो हाथ दिखाए,

सारी दुनिया में मशहुर नाम हो गया

शेरावाली की शरण में आराम हो गया

भगतो को मैया का एक सहारा जिस ने भी मैया का नाम पुकारा

उसके जीवन का बिगड़ा हर काम हो गया

शेरावाली की शरण में आराम हो गया

मैया के भरोसे है जिसकी नैया

उसकी बन जाती खुद माँ खवैया

भव सागर से उसका बेडा पार हो गया

शेरावाली की शरण में आराम हो गया

तू आधी शक्ति है तू ही महामाई वेदों पुरानो ने महिमा है गाई,

कहे पवन चरणों में चारो धाम हो गया

शेरावाली की शरण में आराम हो गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।