यौ डमरू धारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

यौ डमरू धारी बसहा सवारी

गेलिये आहा कोन गाम यौ बाबा

ताकब आहा के को ठाम

यौ भूतनाथ अहि करबै सनाथ

बेर बेर करै छि प्रणाम यौ बाबा

जपै छि आहा के नाम

कपिलेश्वर बीदेश्वर तकलौ

उगनेश्वर सिंघेश्वर तकलौ

शिव नगर कुशेश्वर तकलौ

कत नुकेलौ यौ बालेश्वर

मुनने किये छी कान यौ बाबा

आहाँ के जपैछि नाम

बाबा विश्वनाथ पूजलौ

बाबा वैद्यनाथ पूजलौ

महिनाम घाट जे के

बाबा भूतनाथ पूजलौ

को कसूर भेल है चंद्रेश्वर

बालक छी हमरा नैये ज्ञान

आहाँ के जपै छी नाम

त्रिभानी लबानी जैरसो चौगमा बहेड़ा

आशापुर धरौरा मझोरा पौरी में डेरा

बिठौली शिबराम पोहद्दी महिनाम में डेरा

बेनीपुर श्यामा मियूजिक स बाबा

प्यासा करइये गुणगान यौ बाबा

आहाँ के जपै छी नाम

गीत और आवाज़ H K PYASA

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।