कसम रब दी मै मर जांवा

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कसम रब दी मै मर जांवा तेरे दिदार तो बीना ,

हो मेरे दिल दा कमरा सुना है मेरे प्यार तो बीना हो,

कसम रब दी मै मर जांवा तेरे दिदार तो बीना,

नफरत समझ नहीं ओंदी मेनू दुनिया वालेया दी,

हो मेरा प्यार कोन पहचाने ईक मेरे यार तो बीना हो ,,,

कसम रब दी ना रेह पाँवा तेरे दिदार तो बीना,

फर्श तो लेके अर्श तक जानी यादा तैरीया ने ,

केङी होर नई आ सकदी इक मेरे यार तो बीना हो,,,

कसम रब दी मै मर जांवा तेरे दिदार तो बीना

मेरे दिल दा कमरा सुना है इक मेरे यार तो बीना हो,

कसम रब दी मै मर जांवा तेरे दिदार तो बीना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।