बीरा बेगा आईज्यो जी

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी,

अळगी म्हाने परणाई,

ना लीनी सार संभाल।

भूल गया क्यों म्हानें बीरा,

मैणा दे रा लाल।

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी,

दुखड़ा म्हाने देवे बीरा,

पूंगल रा पड़िहार,

था बिन म्हारो कौन आसरो,

रामदेव अवतार,

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी,

रुणिचे री ओळु आवे,

नैणा बरसे नीर,

ऊबी बाटां जोवूँ थारी,

सरवरिये री तीर,

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी,

कोई नहीं जो सासरिये में,

बात सुणे अबला री,

थे तो म्हारे मन री जाणों,

निकल नेजा धारी,

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी,

बहन लाड़की करे विणती,

सुण लीजो अरदास,

पूरी करीजो बीरा म्हारे,

पिहरिये री आस,

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी,

सुगणा बाई री सायळ कोई,

दास अशोक सुणाय,

गाँव रुणिचे रामदेव रे,

चरणां शीश नवाय,

बीरा बेगा आईज्यो जी,

राम दे बेगा आईज्यो जी,

थारी सुगणा जोवे बाट,

रामदेव बेगा आईज्यो जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।