जय दीन दयाला मदन गोपाला बृंदा बिपिन बिहारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय दीन दयाला,मदन गोपाला,बृंदा बिपिन बिहारी

जय दीन दयाला, मदन गोपाला,

बृंदा बिपिन बिहारी ।

रास बिहारी, मुनि मनहारी,

बृजनंदन बनवारी ।।

नयन विशाला, रूप रसाला,

राधे कृष्ण मुरारी।

कलिमल हारी, मुरलीधारी,

श्री बाँके कृष्ण बिहारी ।।

कंस निकंदन, मुनि मनरंजन,

पारब्रह्म अविनाशी ।

भव भय भंजन, देवकी नन्दन,

श्री राधे ह्रदय निवासी ।।

जय जगदीश्वर, जय परमेश्वर,

माधव मदन मुरारी।

जय कृपा सिंधु, करुणा निधान,

चक्र सुदर्शन धारी ।।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

श्री कृष्ण: शरणम् मम्

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।