मेरी माँ की उम्र बड़ा दे तू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी माँ की उम्र बड़ा दे तू,

कर श्याम प्रभु कुछ ऐसा उसे मेरी उम्र लगा दे तू

उम्र मेरी माँ को लग जाए न उस पर धुप कभी आये

रहे वो ठंडी छाव में तुम्हारे खाटू धाम में

वो है रोई बड़ी हसा दे तू कर श्याम प्रभु कुछ ऐसा

उसे मेरी उम्र लगा दे तू

माँ को मेरी बचा लेना तुम सुनो श्याम दातारी

छीन लो तुम यमराज से माँ को सुन लो अरज हमारी

यम दूतो को केह के भगा दे तू कर श्याम प्रभु कुछ ऐसा

उसे मेरी उम्र लगा दे तू

तेरे सिवा बस माँ है मेरी और नही कोई मेरा

चमत्कार दिखा दो बाबा मौत ने है माँ को गेरा

मेरी माँ की सासे चला दे तू कर श्याम प्रभु कुछ ऐसा

उसे मेरी उम्र लगा दे तू

खतरे में है माँ की जान मेरी मेरी माँ की जान बचा ले

मेरी नही तो श्याम मेरे तू अपनी आन बचा ले

ना हारे को जीता दे तू कर श्याम प्रभु कुछ ऐसा

उसे मेरी उम्र लगा दे तू

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।