खुशियों की बेला देखो आई जन्मे हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

खुशियों की बेला देखो आई कैसी छाई रे जन्मे हनुमान

हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई छाई देखो मुस्कान

हनुमत को देख के पवन हर्षाये रे

देखो जी अंजनी भी बलिहारी जाए रे

बाजे रे झांझ मजीरा बाजे छेड़े रे नई सुरताल

सखियाँ जाती मंगलाचार मनता आज त्यौहार सारे गाते मंगल गान

हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई ...............

ब्रह्मा और विष्णु देखो खुशियां मनाते हैं

शिव शंकर भोले भाले डमरू बजाते हैं

फूल देव सारे बरसाते हनुमान जी हैं चाँद के सामान

ताल से ताल सब मिलाते नारद भी हैं नाचते गाते छेड़ी वीणा की है तान

हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई ..................

पलना में ललना को सारे ही झुलावे रे

लागे ना नज़र मैया टीका भी लगावे रे

नाचे पवन मुस्काये सूत पाए ये रखेगा कुल का मान

पाई खुशियां सभी ने सुख बरसा चारो और घर है स्वर्ग के सामान

हिलमिल नाच रहे देते सबको बधाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।