तू छम छम नाचे राम भगत

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाँध के घुंगरू पैरो में तेरा मस्ती में हर दम रेहना

तू छम छम नाचे राम भगत हे राम भगत तेरा क्या केहना

सिया राम की धुन में रेहते मस्त मगन मत वाला है

माथे मुकट और गल में माला माँ अंजनी का लाला है

हे सालासर के बाला जी तुम भक्तो के अंग संग रेहना

तू छम छम नाचे राम भगत हे राम भगत तेरा क्या केहना

हे वीर पराकमी हनुमान तुम सिया राम के प्यारे हो

पवन पुत्र हनुमान तूने कर दिए वारे न्यारे हो

एंडी दया राजू पंजाबी को तेरे चरणों में रेहना

तू छम छम नाचे राम भगत हे राम भगत तेरा क्या केहना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।