बाला जी तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिजाने आया हु

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिजाने आया हु

प्रभु का चरनामित लेने को है पास मेरे कोई पातर नही

आँखों के दोनों प्यालो से कुछ भीख मांगने आया हु

बाला जी तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिजाने आया हु.........

तुम से लेकर क्या भेट धरु बाला जी तुम्हारे चरणों में

मैं सेवक हु तुम दाता हो समभंद बताने आया हु

बाला जी तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिजाने आया हु

सेवा की कोई वस्तु नही फिर भी मेरा साहस देखो,

रो रो कर आज अंसियो का मैं हार चडाने आया हु

बाला जी तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिजाने आया हु

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।