कर दो श्रमा किशोरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कर दो श्रमा किशोरी अपराध मेरे सारे,

बड़ी आस लेके अई दरबार में तुम्हारे,

तुम्ही किरपा से श्यामा चलती है सारी श्रृष्टि,

सदियों से रो रही हु ढालो दया की दर्स्ती

उधार और पतन है सब हाथ में तुम्हारे,

बड़ी आस लेके अई..............

सपने में भी था कुना श्री राधा नाम जपसे,

मैं भी सावरू जीवन गह वन में गोर ताप से,

मेरी भी झोपडी हो बरसने में तुम्हारे,

बड़ी आस लेके अई..............

रसिको के झुण्ड तो में मुझे छुपालो प्यारी,

चेतन की चाह नही जड़ ही बना लो राधे,

जीबा पर रख लिए है संसार के सहारे,

बड़ी आस लेके अई...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।